जिनेवा/खार्तूम , मार्च 22 -- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सूडान में स्वास्थ्य सेवाओं पर एक और हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्वी दारफुर प्रांत की राजधानी अल-दईन स्थित अल-दईन टीचिंग अस्पताल पर हुए हमले में कम से कम 64 लोगों की मौत हो गयी, जिनमें 13 बच्चे, दो महिला नर्स, एक पुरुष डॉक्टर और कई मरीज शामिल हैं।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसुस ने कहा कि इस घटना के साथ ही सूडान में युद्ध के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों में मरने वालों की संख्या 2000 के पार पहुंच गयी है। संगठन के अनुसार, करीब तीन साल से जारी संघर्ष के दौरान अब तक 213 हमलों में 2036 लोगों की मौत हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि ताजा हमले में 89 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें आठ स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। हमले में अस्पताल के शिशु, मातृत्व और आपातकालीन विभागों को भारी नुकसान पहुंचा है।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अब तक स्वास्थ्य सेवाओं पर हमलों में 720 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इन हमलों का असर केवल तत्काल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक भी है, क्योंकि इससे पहले से ही संकटग्रस्त समुदायों को आवश्यक चिकित्सा सेवाओं से वंचित होना पड़ता है।

हमले के बाद अल-दईन टीचिंग अस्पताल पूरी तरह से काम करने में असमर्थ हो गया है, जिससे आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है।

डब्ल्यूएचओ स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, घायलों के उपचार की व्यवस्था करने और आवश्यक दवाओं व ट्रॉमा किट उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।

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