तिरुवनंतपुरम , फरवरी 24 -- वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के लिए सरकारी कर्मचारियों के निजी डाटा का गंभीर दुरुपयोग किया गया है।

इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में केरल उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप का स्वागत किया। उन्होंने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों की निजी जानकारी लीक करने और प्रचार संबंधी संदेश भेजने की सरकार की कार्रवाई के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख उचित है।

उन्होंने इस कदम को निजता का उल्लंघन करार दिया और कहा कि न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई अन्य प्राधिकरण किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस तरह के डाटा का उपयोग करने या इस तक पहुंच बनाने का अधिकार रखता है।

उनका आरोप है कि महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य लाभों की घोषणा सीधे सरकारी कर्मचारियों को ह्वाट्सऐप संदेशों के जरिये भेजी गयी थी। यहां तक कि न्यायपालिका के सदस्यों को भी यह संदेश मिला, जिसके चलते अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा और इस प्रवृत्ति को रोकना पड़ा।

उन्होंने इसे सरकार की गंभीर गलती बताते हुए कहा कि इसकी नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पर है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। श्री चेन्निथला ने कहा कि पिछले रविवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने डाटा लीक का खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि हालांकि मुद्दे को संबोधित करने के बजाय मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की ओर से जारी स्पष्टीकरण से आरोपों को नकारने की कोशिश की। उसमें दावा किया गया था कि कोई डाटा उल्लंघन नहीं हुआ है।

कोविड-19 के समय में हुए विवादित स्प्रिंकलर सौदे से तुलना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी ऐसा ही पैटर्न अपनाया गया था, जब एक विदेशी कंपनी के साथ स्वास्थ्य डाटा साझा करने पर चिंता जतायी गयी थी। उन्होंने दावा किया कि उस मामले में भी, सीधे तौर पर बात करने के बजाय जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल दी गयी थी।

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