कोलकाता , दिसंबर 02 -- पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उन दावों को कड़ी चुनौती दी है जिसमें उन्होंने राज्य में दो करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार पैदा करने और राज्य की बेरोजगारी दर 40 प्रतिशत कम करने की बात की थीं।
सुश्री बनर्जी ने राज्य में बन रहे छह नए इकोनॉमिक कॉरिडोर के बारे में बताते हुए कहा है कि इन परियोजनाओं से एक लाख नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है और देउचा-पचामी कोयला माइनिंग परियोजना से एक लाख और नौकरियां मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो कोच और लोकल ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग, भारी मशीनरी प्रोडक्शन, जहाज निर्माण और सीमेंट और स्टील यूनिट्स बंगाल के औद्योगिक आधार को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमईएस) में 1.3 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे हैं, जबकि 42 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिल रहा है। जबकि विपक्ष के नेता ने गाजोल में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार में बेरोजगारी और बढ़ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया, "वामपंथी सरकार के दौरान बेरोजगार लोगों की कुल संख्या एक करोड़ थी, जो अब बढ़कर 2.15 करोड़ हो गई है।''उन्होंने सरकार के भर्ती रिकॉर्ड पर सवाल उठाए और बड़ी परीक्षाओं के न होने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "पिछले कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा 2015 में हुई थी और आखिरी राज्य सिविल सेवा की परीक्षा 2017 में। उन्होंने कहा कि , भर्ती कहां है, इस सरकार ने लाखों योग्य उम्मीदवारों को उनकी सही नौकरियों से वंचित कर दिया है।"श्री अधिकारी ने यह भी कहा कि 51 एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज क्यों बंद हैं और उन्होंने 1,500 रुपये के बेरोजगारी भत्ते और युवाश्री स्कीम के भविष्य पर सफाई मांगी। उन्होंने राज्य के औद्योगिकीकरण के आंकड़ों को मनगढ़ंत बताया।
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