सुलतानपुर , जनवरी 16 -- उत्तर-प्रदेश के सुलतानपुर जिला अस्पताल में एक महिला की प्रसव के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही तथा बदसलूकी का आरोप लगाया है।

सूत्रों के मुताबिक जिले के कादीपुर थाना क्षेत्र के पदारथपुर निवासी नवविवाहिता अंशिका उपाध्याय (24) पत्नी पंकज उपाध्याय को इलाज के लिये गुरुवार दोपहर भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि शाम 6:24 बजे अंशिका ने बच्चे को जन्म दिया। बच्चा होने के बाद डॉक्टरों ने उसे वैसे ही छोड़ दिया। रात 9:30 बजे टांके लगाए गए और रात 10:30 बजे उसे अंदर ले जाया गया। अंशिका ने माता उर्मिला पांडे को बताया कि उसे बहुत ठंड लग रही है और वह कांप रही थी। परिजनों ने बार-बार डॉक्टरों को बुलाया, लेकिन वे सिर्फ ब्लड प्रेशर चेक करके चले जाते थे। सुबह 4:30 बजे जब अंशिका की सांसें छोड़ दी।

परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो छह महिला डॉक्टरों और कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने मोबाइल छीनने का प्रयास किया और परिजनों व उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट भी की। परिजनों ने डॉक्टरों, गार्डों और पोस्टमार्टम स्टाफ के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है।

मृतका की मां ने यह भी बताया कि प्रशासन ने बिना उन्हें सूचित किए अंशिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बेटी ने न तो जहर खाया था और न ही उसे कोई बीमारी थी, यह पूरी तरह से डॉक्टरों की लापरवाही का मामला है। इस मामले में सीएमएस महिला डॉ. आरके यादव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

वहीं, नगर कोतवाल धीरज कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

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