नैनीताल , मार्च 17 -- उत्तराखंड के कोटद्वार में कुछ समय पहले चर्चा में आये मोहम्मद दीपक के खिलाफ दर्ज मामले को निरस्त करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में उच्च न्यायालय ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कुमार उर्फ अक्की की याचिका पर न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से उसके खिलाफ दायर याचिका को निरस्त करने की मांग की गयी है। साथ ही आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गयी है।

याचिकाकर्ता मो. दीपक की ओर से कहा गया कि उसके खिलाफ जो प्राथमिकी दर्ज की गई है वह गलत है। यह भी कहा गया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है और न ही उसकी ओर से दी गई शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने जो प्राथमिकी दर्ज की है वह नामजद नहीं हैं। दूसरी ओर सरकार की ओर से कहा गया कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को चिह्नित कर लिया है और कार्रवाई जारी है। फिलहाल अदालत ने सरकार से पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि मो. दीपक इसी साल जनवरी में तब प्रकाश में आया था जब कुछ युवकों ने कथित रूप से दुकान के 'बाबा' नाम रखने को लेकर समुदाय विशेष के दुकानदार से एतराज जताया था और दुकान का नाम बदलने की मांग की थी।

ऐसा बताया जा रहा है कि पड़ोस में जिम ट्रेनर का काम करने वाले मो. दीपक ने युवकों की इस हरकत का विरोध किया था। तब उसने अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था। इसके बाद याचिकाकर्ता सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आ गया था। हालांकि कुछ लोगों ने उसे जमकर ट्रोल भी किया था।

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