गैरसैण , मार्च 09 -- उत्तराखंड में सोमवार को विधानसभा का बजट सत्र शुरू होते ही उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) का गैरसैण स्थाई राजधानी की मांग और वहां स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहा। यूकेडी कार्यकर्ता पुलिस को धत्ता देकर विधानसभा परिसर तक पहुंच गये।
सोमवार को केंद्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष यूकेडी आशीष नेगी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों से विधानसभा कूच किया और एक के बाद एक लगातार पांच बैरियर तोड़कर विधानसभा के मुख्य बैरियर दिवालीखाल से आगे निकल पड़े। दिवालीखाल बैरियर टूटते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए और पुलिस को मजबूरन पानी की बौछार का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बावजूद भी यूकेडी के कार्यकर्ता फिर भी डटे रहे और पानी की बौछारों को पार करते हुए पांचवा गेट भी तोड़कर विधानसभा की ओर निकल पड़े।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए यूकेडी के कार्यकर्ताओं को दिवालीखाल से आधा किलोमीटर आगे ही रोक दिया। जहां पर यूकेडी कार्यकर्ता आशीष नेगी के नेतृत्व में सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और बैरियर पर उपस्थित सेक्टर मजिस्ट्रेट से राज्यपाल से मिलने की बात पर अड़े रहे। धरने पर बैठे श्री नेगी ने कहा कि अपनी मांगे राज्यपाल तक पहुंचाने के लिए हमें उनसे मिलना और अगर हमें राज्यपाल से नहीं मिलने दिया गया तो हम यहीं पर सड़क पर धरने पर बैठे रहेंगे।
कई अधिकारियों और सेक्टर मजिस्ट्रेट के कई बार समझाने के बाद भी यूकेडी के कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब चार घंटे के लंबे संघर्ष के बाद पुलिस प्रशासन ने बल प्रयोग कर 40 से 50 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर मालसी और महलचोरी में बने अस्थाई जेल में भिजवाया। श्री नेगी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें ले जा रहे वाहन के आगे यूकेडी कार्यकर्ताओं ने लेट कर जोरदार प्रदर्शन किया, कार्यकर्ताओं को हटाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वहीं दूसरी और द्वाराहाट के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, जोशीमठ यूकेडी जिला अध्यक्ष युद्धवीर सिंह नेगी, दिगंबर सिंह, जय सिंह, शिखा, लक्ष्मी सहित कई कार्यकर्ता जंगल के रास्ते ही विधानसभा कूच के लिए निकल पड़े, विधानसभा के नजदीक पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर विधानसभा परिसर से बाहर किया।
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