नयी दिल्ली , मार्च 12 -- उच्चतम न्यायालय ने धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर रोक लगाने की मांग को लेकर पेश जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को गुरुवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने अधिवक्ता श्रुति बिष्ट की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

याचिका में धार्मिक रीति-रिवाजों के नाम पर मंदिरों में होने वाली पशु बलि पर प्रतिबंध लगाने और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 28 में संशोधन की मांग की गयी है। याचिका में तर्क दिया गया है कि धारा 28 के तहत मिली वैधानिक छूट के कारण ही धार्मिक आयोजनों के दौरान पशु बलि की प्रथा आज भी जारी है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस प्रावधान में संशोधन किया जाए और धार्मिक परंपराओं के नाम पर होने वाले पशु वध को रोकने के लिए उचित कानूनी सुरक्षा उपाय लागू किये जाएं।

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