मुंबई , अप्रैल 07 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) सांसद सुप्रिया सुले ने कांग्रेस पार्टी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए भारत के निर्माण में निभाई गई उसकी अहम भूमिका के लिए इस पुरानी पार्टी की सराहना की, जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने से लेकर देश को विभिन्न युद्धों से पार लगाने तक के कार्य शामिल हैं।
सुश्री सुले ने कहा, "आज हम जिस आजादी का आनंद ले रहे हैं और जिस लोकतांत्रिक ढांचे में जी रहे हैं, वे कांग्रेस पार्टी के ही योगदान हैं- 'एक ऐसा सच जिसे नकारा नहीं जा सकता।' उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि उन्हें और 'दादा' (अजित पवार) को कांग्रेस की 'संस्कृति और विचारधारा' के माहौल में ही पाला-पोसा और मार्गदर्शन दिया गया।
उन्होंने श्री पार्थ पवार के संबंध में श्री शरद पवार के बयानों का समर्थन करते हुए पारिवारिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है लेकिन उन्हें अपनी सीमाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की कि उनके परिवार की संस्कृति यह है कि जब बड़े-बुज़ुर्ग कुछ कहते हैं, तो उनसे बहस नहीं की जाती और न ही उन्हें पलटकर जवाब दिया जाता है। उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़ी सलाह-मशविरा घर की चारदीवारी के भीतर ही होनी चाहिए, न कि मीडिया में सार्वजनिक रूप से उस पर चर्चा की जानी चाहिए।
उन्होंने श्री यशवंतराव चव्हाण की विरासत का हवाला देते हुए महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति पर टिप्पणी की- 'राजनीति केवल एक वैचारिक लड़ाई है, न कि कोई व्यक्तिगत लड़ाई।' उन्होंने श्री शरद पवार के राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जाने पर 'महा विकास अघाड़ी' और 'महायुति' दोनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सिद्धांत को रेखांकित किया- विचारों में मतभेद हो सकते हैं लेकिन दिलों में कड़वाहट नहीं होनी चाहिए।
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