मुंबई , फरवरी 06 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को श्रीमती सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर हो रही राजनीतिक बयानबाजी पर नाराजगी जताते हुए इसे "अनुचित और अनावश्यक" करार दिया।

एक बयान में श्री फडणवीस ने सभी दलों के नेताओं से इस मुद्दे पर " क्षुद्र राजनीति" बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीमती सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह निरर्थक है और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस संवेदनशील परिस्थिति में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है।

वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन के बाद की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में राजनीति करना गलत है और इस तरह का निम्नस्तरीय आचरण तुरंत बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद स्थिति बेहद कठिन थी, लेकिन महाराष्ट्र के हित में निर्णय लेने का साहस श्रीमती सुनेत्रा पवार ने दिखाया, जो सराहनीय है।

श्री फडणवीस ने उनके फैसले को साहसिक बताते हुए विश्वास जताया कि वह श्री अजित पवार की विरासत को गरिमा के साथ आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र को पहली महिला उपमुख्यमंत्री मिली हैं और उन्हें भरोसा है कि श्रीमती सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर सफल रहेगा।

गौरतलब है कि 31 जनवरी को लोक भवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने श्रीमती सुनेत्रा पवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। हालांकि, इस शपथ ग्रहण के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया कि राकांपा (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने श्री शरद पवार को सबक सिखाने के लिए श्रीमती सुनेत्रा पवार को शपथ लेने के लिए प्रेरित किया।

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