कटक , नवंबर 04 -- पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित ओडिशा के रेत शिल्पकार सुदर्शन पटनायक ने यहां बाली जात्रा उत्सव में सबसे बडी नाव की मूर्ति बनाकर विश्व रिकार्ड बनाया है।
कटक में लोअर बाली जात्रा ग्राउंड में बोट गेट के पास पीपी4 एनक्लोजर में प्रदर्शित यह विशाल मूर्ति 50 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी है। इसे 12,000 सुपारी, 500 नारियल और 1,100 दीयों का उपयोग करके कलात्मक रूप से बनाया गया है।
डिऑन समूह के सहयोग से विकसित यह असाधारण मूर्ति ओडिशा की प्राचीन समुद्री विरासत और बाली जात्रा की चिरस्थायी भावना को श्रद्धांजलि देती है।
एक अंतरराष्ट्रीय जूरी ने आधिकारिक तौर पर इस कलाकृति का मूल्यांकन और प्रमाणन किया और इसे "सुपारी और नारियल का उपयोग करके बनाई गई सबसे बड़ी नाव की मूर्ति कला स्थापना" का विश्व रिकॉर्ड घोषित किया।
श्री पटनायक ने अनावरण के अवसर पर बोलते हुए कहा, "यह रचना ओडिशा के गौरवशाली समुद्री अतीत और हमारे लोगों की भावना को एक विनम्र श्रद्धांजलि है। सुपारी और नारियल जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करके, हमारा उद्देश्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का जश्न मनाते हुए स्थायी कला का प्रदर्शन करना है।" उन्होंने कहा कि यह मूर्ति पर्यावरण के प्रति जागरूक कलात्मकता, सांस्कृतिक गौरव और सामुदायिक उत्सव का प्रतीक है। अनावरण और रिकॉर्ड की घोषणा के मौके पर हज़ारों आगंतुक और कला प्रेमी एकत्रित शामिल हुए।
इस अवसर पर वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ़ इंडिया की मुख्य संपादक सुषमा नार्वेकर और वरिष्ठ निर्णायक संजय नार्वेकर ने सुदर्शन पटनायक को आधिकारिक प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित