शिमला , जनवरी 2 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व विभाग को लंबे समय से लंबित भूमि और राजस्व से संबंधित मामलों के निपटान में तेजी लाने का निर्देश देते हुए इनके निस्तारण की समयसीमा 31 मार्च तय की है।

राजस्व मामलों पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि 5 जनवरी से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार हर मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को भूमि बंटवारे के मामलों की सुनवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे हर महीने कम से कम 12 सुनवाई के दिन सुनिश्चित होंगे और ऐसे मामलों को समय पर निपटाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने उपायुक्तों को हर शनिवार को भूमि बंटवारा मामलों की प्रगति की समीक्षा कर उसी दिन अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। राजस्व सचिव मंत्री जगत सिंह नेगी के सामने हर सोमवार को एक समेकित रिपोर्ट पेश करेंगे, जबकि मंत्री महीने के आखिरी सोमवार को मामलों की स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रक्रिया को तेज करने के लिए उन्होंने सेवानिवृत्त पटवारियों, कानूनगो, नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों की पुनः नियुक्ति का आदेश दिया और संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी मामले की तेजी से और समयबद्ध निपटान को सुनिश्चित करने के लिए सुझाव दिये।

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