सुकमा , जनवरी 25 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती इलाके में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक पहले सीआरपीएफ ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल कार्रवाई को अंजाम देते हुए उनकी साजिश को नाकाम कर दिया है। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर पालागुड़ा के घने जंगलों में किए गए इस रेड में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाए गए दो बड़े डम्प्स को ध्वस्त कर दिया और हथियारों व विस्फोटक बनाने की एक तरह की फैक्ट्री जैसा भारी सामान जब्त किया है।

यह ऑपरेशन सीआरपीएफ की 150वीं बटालियन की टीमों द्वारा किया गया। पालागुड़ा जंगल में नक्सलियों द्वारा बड़ी घटना की तैयारी के संदेह के बीच, एफ/150 (कमांडर: चीता रौशन कुमार झा) और जी/150 (कमांडर: चीता अजय कुमार) कंपनियों की संयुक्त टीम ने दुर्गम इलाके में घेराबंदी कर सघन सर्च अभियान चलाया। कमांडेंट टाइगर राकेश चंद्र शुक्ला की सीधी निगरानी में चले इस ऑपरेशन में दो अलग-अलग स्थानों पर छुपाए गए डम्प्स का पता लगाया गया।

बरामद सामग्री से नक्सलियों की बड़ी तैयारी का पता चलता है। इसमें 3 सिंगल शॉट राइफल, 50 फीट कॉर्डेक्स वायर, बीजीएल बैरल (10), स्टैंड, बुलेट हेड (145), बॉटम-टॉप प्लेट (310), वेल्डिंग मशीन, लेथ मशीन, हैंड पंप, ग्राइंडिंग व्हील, ड्रिल बिट, लोहे की पाइप व रॉड, वेल्डिंग रॉड, विभिन्न मशीन पार्ट्स के अलावा नक्सली साहित्य, यूनिफॉर्म का कपड़ा व अन्य रसद सामग्री शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह सामान सिर्फ हथियार भंडार नहीं, बल्कि जंगल में चल रही एक मिनी फैक्ट्री का संकेत देता है, जहां आईईडी और अन्य विस्फोटक बनाए जा रहे थे। इस कार्रवाई से गणतंत्र दिवस के मौके पर नक्सलियों द्वारा बड़ी घटना करने की संभावित योजना पर करारा झटका लगा है।

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