सुकमा , नवम्बर 22 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा शनिवार को अचानक नक्सल प्रभावित जिले सुकमा पहुंचे।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि "यह दौरा आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के जीवन में हर तरह की खुशहाली लाने के प्रयासों का हिस्सा है।"गृहमंत्री ने यह भी कहा कि जब जंगलों में सक्रिय नक्सलियों का पुनर्वास सफल हो सकता है, तो जेल में बंद नक्सल मामलों के आरोपियों के पुनर्वास की संभावना भी समान रूप से मजबूत है। उन्होंने बताया कि कई स्थानीय लोगों से चर्चा के दौरान यह सामने आया कि यदि साप्ताहिक बाजारों की रौनक लौटे, यदि विवाह योग्य युवक-युवतियों की शादी में परिवार और समाज की सहमति बने, तो सरकार सामूहिक विवाह कराने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अक्षरज्ञान, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी लाने जा रही है। इन्हीं पहलुओं को मजबूत करने के लिए सुकमा पहुंचकर उन्होंने नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों से लंबी और विस्तृत चर्चा की।

हाल ही में सेंट्रल कमेटी के सदस्य माड़वी हिड़मा और बारसे देवा की माताओं से हुई मुलाकात तथा 18 नवंबर को हिड़मा की मौत की खबर के बाद गृहमंत्री का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दस नवंबर को गृहमंत्री ने दोनों परिवारों से मुलाकात की थी और उसके बाद सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां और भी तेज हो गई थीं।

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