सीहोर , जनवरी 03 -- मध्यप्रदेश की सीहोर पुलिस ने पिछले साल सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कदम उठाते हुए अपने परिजन को छोड़ कर घर से गईं 293 नाबालिग बेटियों की घर वापसी कराई।

पुलिस ने परिजन की फरियाद पर इन बेटियों को देश के विभिन्न प्रांतो से खोजकर उनके परिजन से मिलाया।

जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने यूनीवार्ता को बताया कि जिले में वर्ष 2025 में चलाए गए "मुस्कान अभियान" के अन्तर्गत गुमशुदा बालक-बालिकाओं के मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्यवाही कर जिला एवं राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर भी सैकड़ों बच्चों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया है। वर्ष 2025 के 270 और पिछले वर्षो के लंबित 68, जिनमें बालक 45 और बालिका 293 हैं, उनमें से 292 को खोज निकाला।

उन्होंने बताया कि गुजरात से 10, राजस्थान से 05, महाराष्ट्र से 04, उत्तरप्रदेश से 03 तथा पंजाब से एक बालिका लाए हैं। वहीं मध्यप्रदेश के अन्य जिलों जिनमें इन्दौर, भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी, बड़वानी, झाबुआ, उज्जैन, देवास, नरसिंहपुर, राजगढ़, हरदा, शाजापुर, धार और सागर से भी बालिकाओं को खोजा गया है।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पिछले कई वर्षों से लंबित प्रकरणों में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई जिसमें 2019 की 01, वर्ष 2021 की 02, वर्ष 2022 की 03, वर्ष 2023 की 12, वर्ष 2024 की 16 बच्चे वापस घर लाए गए।

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