लखनऊ , जनवरी 30 -- केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद-क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीसीआरएएस-आरएआरआई), लखनऊ और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (डॉ. आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के बीच अनुसंधान एवं अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के लिए शुक्रवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एमओयू पर सीसीआरएएस-आरएआरआई की ओर से सहायक निदेशक (प्रभारी) डॉ. संजय कुमार सिंह तथा डॉ. आरएमएलआईएमएस की ओर से निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए एक-दूसरे की शैक्षणिक, बौद्धिक एवं आधारभूत संरचनात्मक सुविधाओं का साझा उपयोग करेंगे। सहयोग के माध्यम से संयुक्त शोध परियोजनाएं, अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा शोध प्रकाशन किए जाएंगे। पेटेंट, उत्पाद और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकार संबंधित परियोजनाओं के लिए पृथक समझौतों के अनुसार साझा किए जाएंगे।

यह समझौता पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। सभी अनुसंधान गतिविधियां उच्चतम जैव-चिकित्सीय नैतिक मानकों और संस्थागत नैतिक समिति की संस्तुतियों के अनुरूप संचालित की जाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस सहयोग से आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के समन्वय को मजबूती मिलेगी और गुणवत्तापूर्ण शोध को नया आयाम प्राप्त होगा। यह पहल चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ मरीजों को बेहतर उपचार विकल्प उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होगी।

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