हनुमानगढ़ , दिसम्बर 09 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पल्लू थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस द्वारा जब्त किए गए अवैध डीजल के टैंकर में डीजल की जगह पानी पाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह खुलासा तब हुआ जब जिला रसद अधिकारी सुनील घोडेला डीजल की नीलामी के लिए पहुंचे। इस घटना ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आशंका जताई जा रही है कि यह किसी बड़ी मिलीभगत का नतीजा हो सकता है।

सूत्रों ने बताया कि करीब छह महीने पहले, बीकानेर रेंज के एक विशेष पुलिस दल ने पल्लू के महादेव होटल के पास छापा मारकर एक अवैध डीजल फैक्ट्री का खुलासा किया था। इस दौरान दल ने मौके से 40 हजार 200 लीटर अवैध डीजल जब्त किया, जो टैंकर में सील करके पल्लू थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया था। यह कार्रवाई अंतर्राज्यीय डीजल माफिया नेटवर्क के खिलाफ थी, जिसमें लाखों रुपये का अवैध डीजल और उपकरण बरामद हुए थे।

सूत्रों ने बताया कि इस मामले में तत्कालीन बीकानेर के पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर लापरवाही बरतने वाले पल्लू थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर भी किया गया था। आज जब हनुमानगढ़ के जिला रसद अधिकारी सुनील घोडेला अपने दल के साथ जब्त डीजल की नीलामी करवाने के लिए पल्लू थाना पहुंचे और सील किए गए टैंकर को खोलकर सैंपल लिया गया तो उसमें करीब 80 प्रतिशत पानी पाया गया। नतीजतन नीलामी प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया गया। रसद विभाग ने पहले जब्ती के समय लिए गए सैंपलों की पुष्टि की, जो बताते हैं कि उस वक्त टैंकर में शुद्ध डीजल था।

जिला रसद अधिकारी सुनील घोडेला ने कहा-जब यह डीजल जब्त किया गया था, उस समय यह पूरी तरह डीजल था। अब इसमें पानी कैसे मिला, यह गंभीर जांच का विषय है। यह पूरा मामला पल्लू थाना पुलिस की निगरानी में था। इस घटना से पल्लू थाना में तैनात रहे थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी संदेह के घेरे में आ गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि अवैध रूप से डीजल निकालकर टैंकर में पानी भरा गया। या फिर यह किसी बड़े स्तर की अंदरूनी मिलीभगत का मामला है।

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