मधुबनी , दिसंबर 10 -- नेपाल के मधेश प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सतीश कुमार सिंह के बुधवार को कहा कि भारत और नेपाल भले ही सीमा से बंटे हुए हैं, लेकिन दोनों देशों का आपसी संबंध जन्म- जन्मांतर का है।

श्री सिंह के आज बिहार में जयनगर आगमन पर व्यवसाई संगठन 'कन्फेडरेशन आफ इंडिया ट्रेडर्स कैट' शाखा के व्यापारियों ने उन्हें सम्मानित किया।

सम्मान समारोह में मधेश प्रदेश, नेपाल के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के लोग भले ही सीमा से बंटे हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच बना संबंध जन्म- जन्मांतर का है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने की आवश्यकता है और वर्षों से कायम बेटी रोटी के संबंध को मजबूत बनाने के लिए प्रयास होने चाहिए।

श्री सिंह ने कहा कि जब वह सरकार में थे, तब उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री से मांग की थी कि भारत से नेपाल जाने वाले वाहन चालकों की चलान व्यवस्था को आन लाईन किया जाए और नेपाल भ्रमण पर गए भारतीय लोगों को नेपाल बार्डर पर भारतीय रुपया विनिमयन और 2 व 5 सौ रुपये के प्रचलन की इजाजत मिले ।

मधेश प्रदेश, नेपाल पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव देखा जा रहा है और सीमा पर तार से बाड़ेबंदी की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि दोनों देश मिलजुल कर तनाव को कम करें और इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्र की जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापारियों को तत्परता से अपनी भूमिका अदा करनी होगी, जिससे सौहार्द की स्थिति बनेगी।

श्री सिंह ने कहा कि भविष्य में यह संभव है कि दोनों देशों के नागरिकों के लिए पासपोर्ट अनिवार्य कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि वह अपने संगठन के माध्यम से एक अभियान की शुरुआत करेगें, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में प्रयास किये जायेंगे।

इस अवसर पर जयनगर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद कैलाश पासवान,कैट अध्यक्ष प्रीतम बैरोलिया,निर्मल चौधरी, सुनील बैरोलिया,गणेश जायसवाल, रंजीत गुप्ता, विनय कुमार सिंह,अनिल जायसवाल, प्रीतम कौर, मुस्कान शर्मा, कुलदीप कुमार, राज कुमार साह, आशीष कुमार समेत अन्य मौजूद थे।

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