सीधी, नवंबर 17 -- मध्यप्रदेश पुलिस ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 7 वर्षीय मासूम प्रिंस कोल को रीवा से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में सीधी पुलिस ने रीवा पुलिस के सहयोग से 30 घंटे की सतत मॉनिटरिंग, 70 से अधिक कैमरों के विश्लेषण और चार टीमों की संयुक्त कार्रवाई से बालक को खोज निकाला।
घटना 14 नवंबर की रात की है, जब ग्राम ममदर निवासी फरियादिया श्रीमती अन्नू रावत ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका बेटा खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ग्राम का ही दीपक कोल मछली बेचने का लालच देकर बालक को अपने साथ ले गया था। इस पर थाना रामपुर नैकिन पुलिस ने बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल चार विशेष टीमों का गठन किया। ऑपरेशन को पेपरलेस कमांड सिस्टम पर संचालित किया गया। टीमों ने ग्राम से लेकर रीवा शहर तक के मार्गों पर लगे 70 से अधिक कैमरों का विश्लेषण किया। लगातार तलाश के बाद आरोपी का संदिग्ध फुटेज मिला, जिसके आधार पर टीमें सक्रिय हुईं और रात 11 बजे रीवा बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में आरोपी दीपक कोल और बालक प्रिंस कोल दोनों को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने नशे का आदी होने और मजदूरी से बचने के लिए बच्चे से काम करवाकर पैसा कमाने की मंशा बताई। उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि बाल सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस अत्यंत सतर्क, सक्रिय और तकनीकी रूप से सक्षम है।
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