नयी दिल्ली , अक्टूबर 30 -- वित्त एवं कार्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार से तीन दिन की भूटान यात्रा पर हैं और इस दौरान वह उच्चस्तरीय द्विपक्षीय भेंट-मुलाकात तथा बैठकों में भाग लेने के अलावा विकास परियोजनाओं का दौरा भी करेंगी ।

वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार श्रीमती सीतारमण की यह यात्रा भारत और भूटान के आर्थिक संबंधों के विस्तार तथा विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है।

कार्यक्रम के अनुसार श्रीमती सीतारमण यात्रा की शुरुआत सांगचेन बौद्ध मठ के दर्शन से शुरू करेंगी। यह 1765 में स्थापित किया गया है और इसमें हर समय एक सौ से अधिक भिक्षु बौद्ध विद्याध्ययन करते हैं।

वित्त मंत्री इस यात्रा में कूरीछू पनबिजी बांध एवं बिजलीघर, गयालसुंग अकादमी, सांगचेन चोइखोर मठ, ओर पुनाखा डोजोंग जैसी कुछ परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण भी करेंगी जो भारत के सहयोग से विकसित की जा रही हैं।

श्रीमती सीतारमण भूटान प्रवास के दौरान भूटान नरेश, जिग्मे खेशर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग टॉब्गे से भेंट करेंगी तथा वित्त मंत्री लेके दोर्जी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी।

कार्यक्रम के अनुसार इस दौरे में श्रीमती सीतारमण के समक्ष भूटान के ऊर्जा क्षेत्र के विकास, 21वीं सदी की आर्थिक वृहद योजना, बैंकिंग क्षेत्र की योजनाओं और गेलेफ माइंडफुलनेस सिटी परियोजना परियोजना पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

वह एक बाजार में भी जाएंगी और देखेंगी कि किस तरह भूटान में भी लोग भारत के यूपीआई ऐप के माध्यम से खदीद-फरोख्त कर रहे हैं। वह कुछ किसानों से भी मिलेंगी जो स्वस्थ परम्पराओं के साथ खेती-बाड़ी करते हैं।

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