गोहपुर (असम) , नवंबर 8 -- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को असम के विश्वनाथ जिले के गोहपुर में 415 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किये जा रहे शहीद कनकलता बरुआ राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी।

असम के इस पहले प्रौद्योगिकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टी-वीईटी) विश्वविद्यालय के विकास का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, ड्रोन प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में कुशल और भविष्य के लिए तैयार पीढ़ी को तैयार करना है।

श्रीमती सीतारमण ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में 2014 से पूर्वोत्तर में बुनियादी ढाँचे और परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और क्षेत्र में 10 नये हवाईअड्डाें का विकास हुआ है तथा रेल मार्गों का नयी जगहों तक विस्तार हुआ है। श्रीमती सीतारमण ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ विश्वविद्यालय परियोजना का भूमिपूजन किया जिसमें असम के सभी गांवों से कलशों में लायी गयी पवित्र मिट्टी का उपयोग किया गया। शहीद कनकलता बरुआ एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने किशोरावस्था में ही देश की आजादी के लिए अपने प्राण की आहुति दे दी थी।

यह देश में अपनी तरह पहला प्रौद्योगिकी-आधारित व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण विश्वविद्यालय बताया जा रहा है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा, 'मैं स्वयं को सौभाग्यशाली और धन्य महसूस कर रही हूँ कि मुझे कनकलता बरुआ को श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, जिन्होंने मात्र 17 वर्ष की आयु में राष्ट्र के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनके नाम पर एक विश्वविद्यालय समर्पित करना वास्तव में उनके साहस के लिए एक महान और उपयुक्त श्रद्धांजलि है।" उन्होंने कहा, ''यह विश्वविद्यालय आप सभी के लिए एक शिक्षा मंदिर के समान है - एक शहीद के लिए इससे बड़ा समर्पण और कुछ नहीं हो सकता।" कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और रोबोटिक्स से लेकर वैश्विक सहयोग तक - यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा को नई परिभाषा देगा।

मोदी सरकार के कार्यकाल में असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांच के विकास की दिशा में प्राप्त उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में, पूर्वोत्तर क्षेत्र में 10 नये हवाई अड्डे विकसित किए गए हैं। आजादी के 75 वर्षों के बाद, 2022 में मणिपुर और 2023 में मेघालय में पहली बार मालगाड़ियां पहुँची।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में, राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट में, प्रधानमंत्री ने बताया था कि पिछले एक दशक में अकेले पूर्वोत्तर के शिक्षा क्षेत्र में 21,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस क्षेत्र में 2014 से लगभग 850 नए स्कूल स्थापित किए गए हैं। पूर्वोत्तर में पहला एम्स अब चालू है और इस समय अकेले असम में 15 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि असम में 15 अस्पतालों के साथ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा कैंसर केयर नेटवर्क होगा। पूर्वोत्तर में दो नए आईआईआईटी स्थापित किए गए हैं। इसी तरह भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) ने मिज़ोरम में एक परिसर स्थापित किया है। पूर्वोत्तर में लगभग 200 नए कौशल विकास संस्थान स्थापित किए गए हैं। देश का पहला खेल विश्वविद्यालय भी यहीं, पूर्वोत्तर में बनाया जा रहा है।उन्होंने गुवाहाटी में प्रस्तावित एक नए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) का भी उल्लेख किया और कहा कि यह असम में पहला और पूर्वोत्तर में दूसरा आईआईएम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा ने विश्वविद्यालय को असम के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परियोजना और शहीद कनकलता बरुआ की अदम्य भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि उनका साहस और देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और युवाओं के लिए शक्ति का स्रोत बनेगी।

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