अलवर , जनवरी 05 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य के प्रस्तावित 'संकटग्रस्त बाघ आवास' (सीटीएच) एवं बफर क्षेत्र के निर्धारण के प्रस्ताव के संबंध में संबंधित ग्राम पंचायत में नौ जनवरी को ग्राम सभाएं आयोजित होंगी।

अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सोमवार को बताया कि उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में विचाराधीन सूओमोटो मामले में केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) द्वारा प्रस्तावित अभिशंषाओं की पालना में वन विभाग राजस्थान शासन द्वारा सरिस्का बाघ अभयारण्य के सीटीएच 9091.22 हैक्टेयर एवं बफर क्षेत्र 4753.63 हैक्टयर के प्रस्तावित प्रस्ताव के सम्बंध में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 38 (ट) के स्पष्टीकरण के अनुसार ग्राम सभाओं से परामर्श करना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा आठ एवं नियम पांच 'क' के अनुसार संबंधित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में नौ जनवरी को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आमजन प्रस्तावित सीटीएच एवं बफर क्षेत्र के निर्धारण के प्रस्ताव के संबंध में संबंधित ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सभा में इस पर सुझाव,परामर्श,आपत्ति इत्यादि प्राप्त प्रस्तुत कर सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित