वाराणसी , फरवरी 10 -- वाराणसी के थाना सिंधोरा पुलिस ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के दौरान कूटचित दस्तावेजों के माध्यम से दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। देवरानी के स्थान पर परीक्षा देने आई जेठानी समेत दोनों अभियुक्ता पकड़ी गई हैं।
पकड़ी गई अभियुक्ताओं में आजमगढ़ निवासी अंजू यादव को परीक्षा केंद्र से ही गिरफ्तार किया गया जबकि अर्चना यादव (27) को आजमगढ़ स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में थाना सिंधोरा में धारा 318(4)/319/336(2)/336(3)/61(2) बीएनएस एवं धारा 8(3)/13(4) उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आठ फरवरी को सुभाष चन्द्र महाविद्यालय, चकरमा, वाराणसी स्थित परीक्षा केंद्र पर सीटीईटी परीक्षा की प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 5 में अभ्यर्थिनी के बायोमैट्रिक सत्यापन में असंगति पाई गई। प्रवेश पत्र के होलोग्राम के आधार पर प्रारंभिक प्रवेश दिया गया था, लेकिन बायोमैट्रिक डाटा सत्यापित नहीं हो सका।
सीबीएसई कार्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर पुनः बायोमैट्रिक सत्यापन कराया गया, जो असफल रहा। महिला स्टाफ की उपस्थिति में पूछताछ करने पर परीक्षा दे रही महिला ने अपना वास्तविक नाम अंजू यादव बताया तथा स्वीकार किया कि वह अपनी देवरानी अर्चना यादव के स्थान पर परीक्षा दे रही थी।
पूछताछ में अभियुक्ता अर्चना यादव (देवरानी) ने बताया कि पढ़ाई में कमजोर होने के कारण अध्यापक बनने की लालच में उसने अपनी जेठानी अंजू यादव से संपर्क किया और अपने स्थान पर परीक्षा दिलाने के लिए उन्हें राजी कर लिया। इसके लिए आधार कार्ड में फोटो एडिट कर कूटचित दस्तावेज तैयार किए गए थे।
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