दंतेवाड़ा/बीजापुर , दिसंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के अति नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दंतेवाड़ा पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) 165वीं बटालियन ने बीजापुर-नारायणपुर सीमा के ग्राम पल्लेवाया में नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफ.ओ.बी.) स्थापित किया है। इस कैंप के स्थापित होने पर बीजापुर और नारायणपुर दोनों जिलो के स्थानीय लोगों का जीवन में कई सुविधाएँ और सुरक्षा आएगी, जिससे उनका जनजीवन बेहतर होगा।

वर्षों से माओवादियों के कोर जोन के रूप में पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने गुरुवार को न केवल कैंप की स्थापना की, बल्कि यहां मौजूद नक्सली स्मारकों को भी ध्वस्त कर दिया। यह कदम स्थानीय ग्रामीणों के लिए लंबे समय बाद सुरक्षा और सुविधाओं की नई उम्मीद लेकर आया है। इस कैंप स्थापना के लिए तीन जिलों की पुलिस और सीआरपीएफ ने कड़ी मेहनत की है, इस एक कैंप के कारण दो जिलों बीजापुर और नारायणपुर के स्थानीय लोगों का जीवन सहूलियतों से भर जाएगा।

दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शनिवार को मिली जानकारी के मुताबिक, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं आने दी गई।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. और सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ सेक्टर के महानिरीक्षक शालीन के मार्गदर्शन में दंतेवाड़ा-बीजापुर पुलिस, सीआरपीएफ 165वीं बटालियन और कोबरा इकाइयों ने समन्वित प्रयासों से इस कैंप को सफलतापूर्वक स्थापित किया। अधिकारियों के अनुसार, नई चौकी से उन गांवों तक पहुंच संभव हो सकेगी जो अब तक सड़क, बिजली, नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे हैं।

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