महासमुंद , जनवरी 01 -- अंतर्राष्ट्रीय पुरातात्विक स्थल एवं प्राचीन दक्षिण कोसल की वैभवशाली राजधानी रहे सिरपुर के समग्र विकास और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की कवायद को लेकर गुरुवार को केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एकदिवसीय प्रवास पर सिरपुर पहुंचे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल एवं महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी भी मौजूद रहीं।

गौरतलब है कि सिरपुर में वर्ष 1953 से 1956 के बीच सागर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास के प्रोफेसर एम. जी. दीक्षित के नेतृत्व में प्रारंभिक उत्खनन कार्य हुआ था। इसके बाद 1999 से 2011 के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तत्कालीन महानिदेशक जगतपति जोशी एवं पुरातत्ववेत्ता अरुण शर्मा के नेतृत्व में व्यापक उत्खनन कराया गया, जिसमें महानदी के तट पर स्थित सिरपुर क्षेत्र में 34 ऐसे स्थल सामने आए, जिन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व का माना गया है।

बौद्ध, हिन्दू एवं जैन धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्यों से समृद्ध सिरपुर में अब भी कई स्थानों पर उत्खनन कार्य शेष है। लगभग दो दशक पूर्व सिरपुर के विकास एवं इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास प्रारंभ हुए थे, जो अब तक निरंतर जारी हैं। बावजूद इसके, सिरपुर अभी तक विश्व धरोहर सूची में स्थान नहीं बना पाया है। इस विषय को महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी द्वारा संसद में भी प्रमुखता से उठाया जा चुका है।

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