नयी दिल्ली , जवनवरी 02 -- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि बुलेट ट्रेन परियोजना से रोजगार सृजित हो रहे हैं और इसके परिचालन से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्री मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा महज एक घंटा 58 मिनट कर पाएंगे।

श्री वैष्णव ने शुक्रवार को यहां मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर में पहली पर्वतीय सुरंग निर्माण के पूरे होने की जानकारी दी। उन्होंने आभासी माध्यम से संवाददाताओं को इस सुरंग का अवलोकन भी कराया। यह पालघर जिले में सबसे लंबी सुरंगों में से एक है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी पर्वतीय सुरंग एमटी-5, विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है।

उन्होंने बताया कि एमटी-5 सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से अत्याधुनिक ड्रिल और ब्लास्ट विधि से 18 महीने में पूरी की जायेगी। इस विधि से खुदाई में जमीन की वास्तविक समय में निगरानी हो सकती है और वास्तविक स्थल स्थिति के आधार पर शॉटक्रेट, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर जैसे सहायक प्रणालियां प्रयुक्त की जा सकती है। सुरंग निर्माण के दौरान वायु-संचार, अग्नि सुरक्षा उपाय और उचित प्रवेश और निकास व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया गया।

इससे पहले ठाणे और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के बीच लगभग पांच किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग का निर्माण सितंबर 2025 में पूरा हुआ था। मुंबई-अहमदाबाद तीव्र गति रेल परियोजना कुल 508 किलोमीटर लंबी है, जिसमें सुरंगों की कुल लंबाई 27 दशमलव चार किलोमीटर है। इनमें से 21 किलोमीटर भूमिगत सुरंगें और छह दशमलव चार किलोमीटर सतही सुरंगें हैं। परियोजना में आठ पर्वतीय सुरंग भी शामिल हैं, जिनमें कुल छह दशमलव पांच किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली सात महाराष्ट्र में हैं। वहीं, इस परियोजना में 350 मीटर लंबी एक सुरंग गुजरात में स्थित है।

इस मौके पर श्री वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन के शुरू हो जाने पर दो प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों की अर्थव्यवस्थाओं में सीधा संपर्क स्थापित होगा और वे एकीकृत हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि परियोजना गलियारे से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, ज्ञान आदान-प्रदान और नये औद्योगिक और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र विकसित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ के साथ ही मध्यम वर्ग की आरामदायक और सस्ते दर पर यात्रा आकांक्षाएं पूरी होंगी।

उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद सड़क परिवहन की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 95 प्रतिशत की कमी आएगी। उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र में सात पर्वतीय सुरंगों का निर्माण होना है, जिनमें से दो का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि 820 मीटर लंबी एमटी-1 का 15 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जबकि 228 मीटर लंबी एमटी-2 पर आरंभिक कार्य चल रहा है। इसके अलावा 1,403 मीटर लंबी एमटी-3 का 35.5 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है और 1,260 मीटर लंबी एमटी-4 के निर्माण का 31 प्रतिशत काम पूर्ण हुआ है। इन सभी पर्वतीय सुरंगों में सबसे लंबी 1,480 मीटर, लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी एमटी-5 में कार्य दो जनवरी को दोनों सिरे से पूरा हो गया है। साथ ही 454 मीटर लंबी एमटी-6 का 35 प्रतिशत और 417 मीटर लंबी एमटी-7 का 28 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हुआ है। महाराष्ट्र में कुल लगभग छह किलोमीटर लंबाई में पर्वतीय सुरंगों का निर्माण हुआ है।

रेलवे के अनुसार मुंबई-अहमदाबाद तीव्र-रफ्तार रेल गलियारा परियोजना लगभग 508 किलोमीटर लंबी है, जिसमें से 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में तथा 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में स्थित है। यह रेल गलियारा साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। भारतीय परिवहन अवसंरचना में यह परियोजना परिवर्तनकारी उपलब्धि है।

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