जम्मू , फरवरी 02 -- केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की 23 दिवसीय विधानसभा सत्र की शुरुआत सोमवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सदन को संबोधन के साथ हुई।
उपराज्यपाल के संबोधन के बाद उनके भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर कई दिनों तक चर्चा होगी, साथ ही इस पर सरकार की ओर से जवाब भी दिया जाएगा। विधानसभा का यह पांचवां सत्र, जो तीन महीने की अवधि में चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
जम्मू और कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र छह फरवरी को शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार सदन में बजट पेश करेगी। श्री अब्दुल्ला के पास वित्त विभाग भी है, वह 16 अक्टूबर, 2024 को पद संभालने के बाद अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश करेंगे। जिससे लगभग छह साल का केंद्र शासन खत्म हो जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष रहीम राथर द्वारा जारी असेंबली कैलेंडर के अनुसार बजट सत्र चार अप्रैल को खत्म होगा और तीन चरणों में चलेगा। पहला चरण आज शुरू हुआ और रमज़ान शुरू होने से पहले (चांद दिखने पर 18 या 19 फरवरी) तक चलेगा और दूसरा एवं तीसरा चरण मार्च अप्रैल में ईद-उल-फितर के बाद होंगे। असेंबली कैलेंडर के मुताबिक, मार्च और अप्रैल में क्रमशः पांच और चार दिन का कामकाज होगा। बजट पेश होने के बाद बजट पर आम चर्चा और सरकार का जवाब होगा। अप्रैल चरण में सरकारी कामकाज के साथ-साथ निजी सदस्य विधेयक और प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे।
बजट प्रस्तुति के बाद बजट पर सामान्य चर्चा होगी और इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा।अप्रैल चरण में प्राइवेट मेंबर्स बिल और प्रस्तावों के साथ-साथ सरकारी कामकाज भी शामिल रहेगा।
इस सत्र के लिए विधायकों द्वारा करीब 1,500 प्रश्न प्रस्तुत किए गए हैं। 90 सदस्यीय सदन में मुख्यमंत्री, पांच मंत्रियों और अध्यक्ष सहित 83 विधायक प्रत्येक 20 प्रश्न (10 तारांकित और 10 अतारांकित) पूछने के पात्र हैं।
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