देहरादून , जनवरी 20 -- उत्तराखंड के देहरादून जनपद अंतर्गत ऋषिकेश में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के आयुष विभाग के तत्वाववधान में मंगलवार को नौवां राष्ट्रीय सिद्ध दिवस मनाया गया।
इस मौके पर आयोजित चिकित्सा शिविर मे सिद्धा पद्धति से 171 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार किया गया एवं उत्तराखंड के उत्पादों से संबंधित भोजन सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई।
ऋषि अगस्तियार के जन्म नक्षत्र के उपलक्ष्य में ''सिद्ध फॉर ग्लोबल हेल्थ'' थीम पर आयोजित वृहद कार्यक्रम में सिद्ध दवा की क्लिनिकल अहमियत, रोकथाम और इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर में पारंपरिक फ़ूड सिस्टम की भूमिका पर ज़ोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, डीन (एकेडमिक्स) प्रोफेसर डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, ऑफिशिएटिंग मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. भारत भूषण भारद्वाज, आयुष डिपार्टमेंट की हेड डॉ. मोनिका पठानिया की उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी आयुष डॉ. श्रीलॉय मोहंती ,डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रवि कुमार, डॉ. राहुल काटकर चिकित्साधिकारी (आयुर्वेद) और डॉ. श्वेता मिश्रा चिकित्साधिकारी (योग और नेचुरोपैथी), कार्यक्रम संयोजक डॉ. पी. मिरुनालेनी चिकित्साधिकारी (सिद्धा) एवं नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सिद्धा, चेन्नई से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गायत्री आर., और पोस्टग्रेजुएट स्कॉलर डॉ. वासुकी आर. उपस्थित थे।
इस दौरान, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सिद्धा (एनआईएस) चेन्नई के सहयोग से निशुल्क सिद्धा मेडिकल कैंप, सिद्धा आहार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न बीमारियों के लिए सिद्धा कंसल्टेशन और निशुल्क दवाइयां वितरित की गई। इस दौरान पेट और आंतों, मांसपेशी-अस्थि, जराचिकित्सा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को खासतौर से आवश्यक परामर्श व सावधानियों से अवगत कराया गया। जबकि सिद्धा आहार एग्जीबिशन में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के उत्पाद जैसे पारंपरिक चावलों की किस्में, बाजरा, सिद्ध डाइट के नियम और स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली सब्जियां प्रदर्शित की गई व प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में पारंपरिक डाइट की भूमिका पर जोर दिया गया।
आयोजन में एनआईएस, चेन्नई से डॉ. गायत्री आर., असिस्टेंट प्रोफेसर और डॉ. वासुकी आर., पोस्टग्रेजुएट स्कॉलर ने मरीज़ों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, आयुष विभाग व प्रिंसिपल, कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग प्रो. (डॉ.) स्मृति अरोड़ा कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, एम्स के सहयोग से सिद्ध प्रदर्शनी के अंतर्गत बिना आग वाला बाजरा और देसी खाना पकाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में चीफ नर्सिंग ऑफिसर डॉ. अनीता रानी और डॉ. ज़ेवियर बेल्सीयाल, कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग शामिल रहे। प्रतिस्पर्धा में आयुष विभाग, नर्सिंग और पीएचडी प्रोग्राम के सदस्यों, स्टाफ मेंबर्स और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और सिद्ध न्यूट्रिशन के सिद्धांतों को दर्शाती हुई उत्तराखंड और भारत के दूसरे इलाकों की नई बाजरा-बेस्ड और देसी डिश पेश की।
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