कलबुर्गी , जनवरी 13 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को मैसूर और अन्य दक्षिणी निर्वाचन क्षेत्रों के बराबर कलबुर्गी और पूरे कल्याणा क्षेत्र में विकास की मांग करके राज्य में पार्टी के अंदरूनी मामलों को लेकर अटकलों को हवा दे दी।
कलबुर्गी के मूल निवासी श्री खरगे ने जेवर्गी शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विशेष दर्जा कानून (अनुच्छेद 371जे) के तहत लगातार क्षेत्रीय असमानताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से उत्तरी कर्नाटक को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि कलबुर्गी लंदन या सिंगापुर बने। हम मैसूर और आपके निर्वाचन क्षेत्रों जैसा विकास चाहते हैं।"उन्होंने संसाधनों के समान आवंटन पर जोर दिया। पर्यवेक्षकों का कहना है कि श्री खरगे की टिप्पणियों में एक सूक्ष्म राजनीतिक संकेत है, जो राज्य कांग्रेस में नेतृत्व की भूमिकाओं के साथ-साथ सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच प्रभाव के बंटवारे को लेकर चल रही बहसों के बीच आया है।
हालिया मीडिया रिपोर्टों में दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार खींचतान का जिक्र किया गया है। प्रशासनिक नियंत्रण और सत्ता-साझेदारी की व्यवस्थाओं के कार्यान्वयन को लेकर दोनों तरफ से हुई बयानबाज़ी ने टकराव की धारणाओं को हवा दी है। रिपोर्टों में पिछले मतभेदों का भी उल्लेख किया गया है, जैसे कि शिवकुमार के विभाग से जुड़े एक नौकरशाह के तबादले का विवाद और बारी-बारी से नेतृत्व की उम्मीदों को लेकर तनाव।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने श्री शिवकुमार के साथ किसी भी दरार से बार-बार इनकार भी किया है। उनका दावा है कि कोई संघर्ष नहीं है और अफवाहें मीडिया की अटकलों से ज्यादा कुछ नहीं है। दूसरी ओर शिवकुमार ने भी पार्टी एकता पर जोर दिया है और किसी भी व्यक्तिगत मतभेद से इनकार करते हुए मनमुटाव की खबरों को "मीडिया जनित" बताया है।
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