शिवमोगा , दिसंबर 08 -- कर्नाटक के पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की तीखी आलोचना की और उन्हें चुनौती दी कि वे उसी साहस का प्रदर्शन कुरान और बाइबल के प्रति भी करें जैसा उन्होंने हाल ही में भगवद गीता के बारे में टिप्प्णी को लेकर दिखाया था।

श्री ईश्वरप्पा का बयान मुख्यमंत्री की उस विवादित टिप्पणी के बाद आया हैं, जिसमें उन्होंने भगवद गीता के छात्रों को 'मनुवादी' कहा थश्री ईश्वरप्पा ने इस बयान को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री के पद के अनुकूल नहीं है।उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे ग्रंथ के प्रति सीधे अपमान के समान है जिसने विश्वभर में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, "भगवद गीता ज्ञान और बुद्धिमत्ता का खजाना है। इसने महात्मा गांधी और अनगिनत अन्य लोगों का मार्गदर्शन किया। इसे इस तरह तुच्छ साबित करना या कुछ कहना अस्वीकार्य है।"पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे अन्य सम्मानित ग्रंथों के बारे में भी इसी तरह के बयान दें। उन्होंने चेतावनी दी, "अगर सिद्दारमैया कुरान या बाइबल के बारे में इसी तरह बोलते हैं, तो भारत में कोई भी मुख्यमंत्री राजनीतिक रूप से एक मिनट भी टिक नहीं पाएगा।"श्री ईश्वरप्पा ने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने विशेष धार्मिक समुदायों को खुश करने के लिए यह बयान असावधानीपूर्वक दिया और इस तरह के व्यवहार से राज्य के सर्वोच्च पद की गंभीरता, गरिमा और नैतिक अधिकारिता में कमी दिखती है।

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