मंगलुरु , दिसंबर 03 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल के बीच बुधवार को मंगलुरु में बंद कमरे में हुई एक संक्षिप्त बैठक के बाद प्रदेश में नेतृत्व की खींचतान को अटकलें फिर तेज हो गयी।
कावेरी गेस्ट हाउस में आयोजित इस बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ मंत्री जी परमेश्वर, सतीश जारकीहोली, दिनेश गुंडू राव, लक्ष्मी हेब्बालकर और ज़मीर अहमद खान भी मौजूद थे।
इससे पहले, श्री वेणुगोपाल का मैंगलुरु हवाई अड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए 'डीके, डीके' के नारों के साथ अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री और श्री वेणुगोपाल के बीच यह बैठक ऐसे समय में हुई जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।
श्री सिद्दारमैया ने श्री शिवकुमार की यात्रा पर सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी तभी जाएँगे जब उन्हें कांग्रेस आलाकमान द्वारा बुलाया जाएगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "उन्हें जाने दो। मैं तभी जाऊँगा जब मुझे बुलावा आएगा। मुझे अभी तक कोई बुलावा नहीं आया है।"मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार एकजुट है। श्री सिद्दारमैया से यह पूछे जाने पर कि क्या श्री शिवकुमार भविष्य में मुख्यमंत्री बन सकते हैं, उन्होंने ने जवाब दिया, "जब आलाकमान कहेगा।"श्री शिवकुमार ने हालांकि अपनी ओर से अपनी दिल्ली यात्रा पर चल रही अटकलों को कम करने की कोशिश की और स्पष्ट किया कि वह एक निजी विवाह समारोह में शामिल होने और 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस के "वोट चोरी" विरोध प्रदर्शन की तैयारियों की देखरेख के लिए दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं एक निजी समारोह के लिए दिल्ली जा रहा हूँ। 14 तारीख को हमारा एक बड़ा कार्यक्रम है। हमें हर जिले से कम से कम 300 लोगों की आवश्यकता है। मैंने सभी मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी लेने के लिए कहा है।"उपमुख्यमंत्री ने श्री वेणुगोपाल के आगमन के दौरान मंगलुरु हवाई अड्डे पर उनके पक्ष में लगाए गए नारों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने टिप्पणी की, "पिछले 10 वर्षों से लोग 'डीके डीके' चिल्ला रहे हैं। कुछ 'मोदी', कुछ राहुल, कुछ सिद्धू कहते हैं। यह उनका प्यार और स्नेह है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।"श्री शिवकुमार ने सतीश जारकीहोली की उन टिप्पणियों पर जवाब देने से इनकार कर दिया, जिनमें 'तीस महीने या तीन साल में' नेतृत्व में संभावित बदलाव का संकेत दिया गया था। उन्होंने कहा, "मैं अपने नेताओं पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं अपने लिए और अपनी पार्टी के लिए बोलता हूँ।"मुख्यमंत्री और उनके उपमुख्यमंत्री ने पिछले दो दिनों में दो बैठकें की हैं, जिसमें शिवकुमार के आवास पर नाश्ते पर हुई बातचीत भी शामिल है। दोनों पक्षों ने कहा कि ये बैठकें सरकार के भीतर एकता को दर्शाती हैं।
गृह मंत्री परमेश्वर ने इस दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि किसी भी मामूली मतभेद को सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा, "मैं अनावश्यक रूप से टिप्पणी नहीं करना चाहता। अब सब खत्म हो गया है।"इस बीच, श्री सिद्दारमैया और श्री शिवकुमार की महँगी घड़ियां पहने हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे कथित फिजूलखर्ची को लेकर एक विवाद शुरू हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कथित 'सैंटोस डी कार्टियर' जैसे महंगे ब्रांड की घड़ी पहनने के लिए मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की और उनपर पाखंड का आरोप लगाया।
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