चंडीगढ़ , नवम्बर 03 -- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में 1984 के सिख दंगा पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ कई महत्वपूर्ण फैसले किये।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि 1984 सिख दंगा पीड़ित सिख परिवार के एक सदस्य को सरकार हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नौकरी देगी। इससे दंगा पीड़ित परिवारों को रोजगार का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा अध्यापक स्थानान्तरण नीति, 2025 को भी मंजूरी दी गयी है। यह नीति करीब नौ साल से लंबित थी। नयी नीति में अंचल की अवधारणा को हटा दिया गया है, जिससे शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और सुगम होगी।
मंत्रिमंडल ने कारखाना प्रबंधन से जुड़ा प्रस्ताव भी स्वीकृत किया। अब महिला श्रमिकों को मशीनरी पर काम करने की अनुमति मिलेगी, इससे औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस वार्ता में कहा कि सभी ओवरटाइम कार्य स्वैच्छिक होंगे और ओवरटाइम का कर्मचारियों को सामान्य मजदूरी दर से दोगुना भुगतान दिया जायेगा।
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