नयी दिल्ली , अप्रैल 01 -- वर्ष 1984 के सिख दंगा पीड़ितों की लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता पद्मश्री एचएस फूलका बुधवार को समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
श्री फूलका ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित संक्षिप्त समारोह में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। श्री पुरी ने श्री फूलका को पार्टी की सदस्यता दिलाकर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर श्री चुघ ने कहा कि श्री फूलका लंबे समय से मानवाधिकार और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 1984 के सिख नरसंहार के दौरान भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी थी जिसने सड़क से संसद तक आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि श्री फूलका ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए चार दशकों से अधिक समय तक अथक संघर्ष किया है और सैकड़ों दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका भाजपा में शामिल होना उनके जीवन भर के न्याय एवं प्रतिबद्धता के मूल्यों को और मजबूत करता है।
भाजपा महासचिव ने कहा कि श्री फूलका की विश्वसनीयता और आजीवन संघर्ष उन्हें न केवल सिख समुदाय बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बनाता है। प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के तहत श्री फूलका का अनुभव और समर्पण इस मिशन को मजबूत करेगा और पंजाब में सार्थक बदलाव लाने में योगदान देगा। उन्होंने डॉ बी आर अंबेडकर की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ और पंजाब में दलित परिवारों पर हमलों के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की और इन घटनाओं को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माता का अपमान किया जा रहा है और दलितों के घर जलाए जा रहे हैं, जो शासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
श्री पुरी ने कहा कि 1984 की घटनाएं दंगे नहीं, बल्कि एक "सुनियोजित नरसंहार" थीं, जिसमें हजारों निर्दोष सिखों की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि श्री फूलका ने बिना किसी स्वार्थ के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई कानूनी लड़ाइयां लड़ीं और उनका भाजपा में शामिल होना पार्टी को और मजबूती देगा।
भाजपा में शामिल होने के बाद श्री फूलका ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने 02 नवंबर 1984 को अपने जीवन का सबसे भयावह दिन बताते हुए उस दौरान अपने परिवार और समुदाय पर हुए हमलों को याद किया।
श्री फूलका ने कहा कि 1984 की घटनाएं एक सुनियोजित सिख नरसंहार थीं और उस समय की वास्तविकता को छिपाने की कोशिश की गई। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उस समय सच्चाई को सामने लाने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब को मजबूत और सुरक्षित बनाना है, तो भाजपा को मजबूत करना आवश्यक है और वह आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित