उज्जैन , नवंबर 08 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए 700 करोड़ रुपए से अधिक राशि से करीब 29 किलोमीटर के घाटों का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुरूप शिप्रा नदी को शहरी क्षेत्र में दिशा देने एवं श्रद्धालुओं को सिंहस्थ व अन्य धार्मिक पर्वों पर स्नान हेतु सुगम एवं स्वच्छ स्थान प्रदाय करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा 778 करोड़ रू की राशि से घाट निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदाय की गयी है।

आधिकारिक जानकारी में बताया कि इस कार्य के अंतर्गत शिप्रा एवं कान्ह नदी के दोनों तटों पर कुल 29 किमी के घाट, शिप्रा नदी पर तीन वेंटेड कॉज़-वे, कान्ह नदी पर पांच एवं शिप्रा नदी पर एक बेराज़ का निर्माण भी किया जाएगा।

शिप्रा के किनारे 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत 778 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही, 9 किलोमीटर लंबे स्थायी घाटों के उन्नयन का कार्य भी चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 120 करोड़ रुपये है।अनुमान है कि इस व्यवस्था के तहत 24 घंटे में लगभग ढाई करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। इसके साथ ही शासन और प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

नवीन घाटों पर आकर्षक विद्युत साजसज्जा भी की जाएगी। नए चेंजिंग रुम बनाए जाएगे। घाटों का निर्माण स्थाई तौर पर किया जाएगा।

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