नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- भारत ने पाकिस्तान की सिंधु जल संधि को भारत के लिए बाध्यकारी बताने की टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह संधि निलंबित है और सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रूख में बदलाव नहीं होने तक निलंबित ही रहेगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में सवालों के जवाब में कहा ," सिंधु जल संधि पर भारत अपनी स्थिति कई बार स्पष्ट कर चुका है। यह संधि स्थगित है और तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद की गतिविधियों को बंद नहीं कर देता।"उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने कहा है कि सिंधु जल संधि भारत के लिए बाध्यकारी है और वह चिनाब तथा झेलम नदी पर भारत की विकास परियोजनाओं के मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उठायेगा।

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने कड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत ने कहा है कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकता। भारत ने स्पष्ट कहा है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता तब तक यह संधि स्थगित ही रहेगी।

राजधानी दिल्ली में तुर्कमान गेट क्षेत्र में अवैध कब्जे को हटाये जाने के बारे में पाकिस्तान की टिप्प्णी से संबंधित सवाल के जवाब में श्री जायसवाल ने कहा कि पहले पाकिस्तान को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वह अल्पसंख्यकों के साथ खुद किस तरह का व्यवहार कर रहा है।

गौरतलब है कि अवैध कब्जे को हटाये जाने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया था कि भारत में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

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