लखनऊ , दिसंबर 3 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महान समाज सुधारक क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता और महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए आवाज बुलंद की, जब समाज में इसके लिए अनेक बाधाएं थीं। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम माना और इसी विश्वास के साथ जीवन भर कार्य किया।

गौरतलब है कि हर वर्ष 3 जनवरी को देशभर में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई जाती है। वे न केवल भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, बल्कि महान समाजसेविका और नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता भी थीं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के द्वार खोले और समाज के वंचित, दलित, पीड़ित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए पुरजोर संघर्ष किया।

सावित्रीबाई फुले अपने समय से बहुत आगे थीं। उन्होंने कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई और समाज सुधार की मजबूत नींव रखी। उनका संपूर्ण जीवन महिलाओं और वंचित तबकों के उत्थान के लिए समर्पित रहा, जो आज भी समाज को प्रेरणा देता है। सावित्रीबाई फुले का योगदान देश की सामाजिक चेतना में अमिट है और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका जीवन प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

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