नयी दिल्ली , दिसंबर 10 -- रक्षा सचिव (उत्पादन) संजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच बढ़ते तालमेल से स्वदेशी युद्धपोत निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री कुमार ने तमिलनाडु में रक्षा उत्पादन विभाग के गुणवत्ता आश्वासन (युद्धपोत परियोजनाएं) निदेशालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए गुणवत्ता आश्वासन के लिए सुधारों, खासकर ग्रीन चैनल प्रमाणन और बढ़ते डिजिटलीकरण लघु उद्योग को सशक्त बनाने और रक्षा संपत्तियों की तेज़ी से डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

श्री कुमार ने कहा, "वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए, हमें प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाना चाहिए।" उन्होंने कर देकर कहा कि संचालन तैयारी के लिए आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों को कम करना ज़रूरी है।

रक्षा उत्पादन विभाग की संयुक्त सचिव (भूमि प्रणाली) डॉ. गरिमा भगत ने गुणवत्ता के प्रति उद्योग के दृष्टिकोण में एक बड़ा बदलाव लाने का आह्वान किया। निरीक्षण से रोकथाम की ओर बढ़ने पर ज़ोर देते हुए, डॉ. भगत ने उद्योग भागीदारों से मज़बूत सार्वजनिक और निजी साझेदारी अपनाने का आग्रह किया, जहाँ गुणवत्ता को अंत में परीक्षण करने के बजाय विनिर्माण प्रक्रिया में ही शामिल किया जाए।

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