भोपाल , मार्च 14 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने का सशक्त और प्रभावी माध्यम हैं तथा बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा पुण्य का कार्य कोई नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुजालपुर (जिला शाजापुर) में आयोजित सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले बेटियों के जन्म के साथ ही उनके विवाह की चिंता परिवारों को सताती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के माध्यम से राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का कन्यादान और विदाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर पढ़ाई, नौकरी, मातृत्व और विवाह तक सरकार बहनों-बेटियों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि विवाह समारोहों में होने वाली फिजूलखर्ची से बचना चाहिए और बच्चों के विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन या सामान्य समारोह में करने चाहिए, ताकि बची हुई राशि उनके बेहतर भविष्य के लिए उपयोग की जा सके।

सम्मेलन में कुल 200 बेटियों का सामूहिक विवाह और निकाह सम्पन्न हुआ, जिनमें 162 बेटियों का विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का निकाह कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को गृहस्थी के लिए राज्य सरकार की ओर से 49-49 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है और सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्च पर भी नियंत्रण संभव है।

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