गांधीनगर , जनवरी 02 -- गुजरात में साणंद, कलोल, सावली, बारडोली तथा हीरासर को 2030 तक सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा।सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने तथा भारत के सभी राज्यों के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के रणनीतिक विकास को गति देने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इसके अनुरूप राज्य में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में अक्टूबर-2025 में पांच सैटेलाइट टाउन विकसित करने का निर्णय किया था।
इस निर्णय के क्रियान्वयन के हिस्से के रूप में अब इन शहरों के मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नगरीय नियोजकों को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए टेंडर द्वारा नगरीय नियोजकों की नियुक्ति करने का कार्य शुरू किया गया है। वर्ष 2030 तक इन शहरों में महानगरों जैसी सुविधाएं विकसित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का आयोजन है, जिससे बड़े शहरों पर बोझ को घटाया जा सके।
शहरी विकास वर्ष-2025 में 'अर्निंग वेल-लिविंग वेल' का मंत्र साकार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अहमदाबाद के पास साणंद, वडोदरा के पास सावली, गांधीनगर के पास कलोल, सूरत के पास बारडोली तथा राजकोट के पास हीरासर को 'सेटेलाइट टाउन' के रूप में विकसित करने का निर्णय किया है। राज्य सरकार ने प्रस्ताव करके राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव प्राप्त नगरीय नियोजकों को मास्टर प्लान तैयार करने के लिए आमंत्रित किया है। आगामी दो महीनों में कन्सल्टेंट की नियुक्ति की जाएगी, जो एक वर्ष के भीतर इन शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करके प्रस्तुत करेंगे।
सेटेलाइट टाउन यानी बड़े शहर या महानगर के निकट स्थित ऐसा शहर, जहां बड़े शहर से एक घण्टे में पहुंचा जा सकता है। ऐसे शहरों की पहचान कर उन्हें आर्थिक रूप से व्यस्त गतिविधियों का केन्द्र बनाने का उद्देश्य है, जिससे बड़े शहरों पर बोझ घटे और इन शहरों में रोजगार के अवसर के द्वार खुलें। इन शहरों में विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा नागरिक केन्द्रित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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