ग्वालियर , जनवरी 04 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से दो लोगों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की ठगी कर ली। एक मामले में अफ्रीका में रहने वाली महिला से चाचा की आवाज में बात कर 7 लाख रुपये और जेवर ठग लिए गए, जबकि दूसरे मामले में बिना ओटीपी और बातचीत के युवक के खाते से 1 लाख 59 हजार रुपये निकल गए।

पहला मामला जनकगंज थाना क्षेत्र का है। समाधिया कॉलोनी स्थित ओम साईं अपार्टमेंट में रह रहीं तमन्ना गंगवानी पत्नी ललित के साथ यह ठगी हुई। तमन्ना के चाचा दुबई में रहते हैं और उन्होंने ही तमन्ना की शादी अफ्रीका निवासी ललित से करवाई थी। 24 दिसंबर को तमन्ना के मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने हूबहू उनके चाचा की आवाज में बात की। ठग ने कहा कि तुम्हारे खाते में 10.50 लाख रुपये भेजे जाएंगे, इसलिए अभी कुछ रुपये मेरे खाते में डाल दो।

आवाज पहचानकर तमन्ना को कोई शक नहीं हुआ और उन्होंने 7 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ देर बाद फिर कॉल आया और बताया गया कि उनके चाचा को गिरफ्तार कर लिया गया है और छुड़ाने के लिए और रुपये भेजने होंगे। इस धमकी से घबराकर तमन्ना ने अपने जेवर तक बेचकर रुपये खाते में ट्रांसफर करवा दिए।

कुछ दिन बाद जब असली चाचा का दुबई से फोन आया और रुपयों की बात हुई, तब ठगी का खुलासा हुआ। चाचा ने बताया कि न उन्होंने कोई फोन किया था और न ही रुपये मांगे थे। इसके बाद तमन्ना जनकगंज थाने पहुंचीं और पुलिस को पूरी घटना बताई। जांच में सामने आया कि तमन्ना ने यह रकम अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए जैसे-तैसे जोड़ी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब ढाई से तीन लाख रुपये होल्ड करवा दिए हैं और मामले की जांच जारी है।

दूसरा मामला हजीरा थाना क्षेत्र का है। लाइन नंबर दो बिरला नगर निवासी जगमोहन सिंह कुशवाह पुत्र रामप्रकाश सिंह के इंडसइंड बैंक खाते से बिना ओटीपी और किसी कॉल के 1 लाख 59 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित के अनुसार यह राशि तीन बार में बैंक की इंदौर ब्रांच से निकाली गई। पहली बार 59,126 रुपये, दूसरी बार 50 हजार और तीसरी बार 50 हजार रुपये खाते से ट्रांसफर हुए।

जगमोहन सिंह ने पुलिस को बताया कि न तो कोई ओटीपी आया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया गया। हजीरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस ठगी में किसी बैंककर्मी की भूमिका तो नहीं है।

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