नैनीताल , नवंबर 16 -- उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने रविवार को हल्द्वानी में एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों के पास से 11 मोबाइल फोन, नौ सिम और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी गिरोह सोशल मीडि या के ज़रिए भेजी गई एपीके फ़ाइलों का इस्तेमाल करके मोबाइल फ़ोन हैक कर रहा था। पुलिस का दावा है कि पुलिस टीम ने 3.37 करोड़ रुपये से ज़्यादा के अवैध लेन-देन का भी पता लगाया है।

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजूनाथ टीसी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,"हमने जिले भर में साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को चेकिंग अभियान तेज करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, तल्लीताल पुलिस द्वारा एक विशेष रात्रि चेकिंग अभियान चलाया गया।"शनिवार रात थाना प्रभारी मनोज सिंह नयाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नैनीताल जिले के दोगांव स्थित भेड़ियापाखन बैंड के पास एक संदिग्ध वाहन संख्या एचआर 98 पी 1642 को रोका। वाहन में सवार चार लोगों का व्यवहार संदिग्ध पाया गया।

इस पर पुलिस टीम ने उनकी तलाशी ली तो उनके पास से 11 मोबाइल फोन,नौ सिम कार्ड, आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, तीन क्यूआर कोड, दो चेक बुक, एक क्रेडिट कार्ड और नौ डेबिट कार्ड बरामद हुए।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान वाहन चालक शुभम गुप्ता (29) निवासी अलवर राजस्थान, पियूष गोयल निवासी जहांगिराबाद, बुलंदशहर, उप्र, ऋषभ कुमार निवासी मोदीनगर, जिला गाजियाबाद, उप्र और मोहित राठी निवासी महावीरपुरा, गुरुग्राम, हरियाणा के रूप में हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि वे सोशल मीडिया के ज़रिए अनजान उपयोगकर्ताओं को एपीके फ़ाइलें भेजते थे। एपीके फ़ाइल इंस्टॉल होने के बाद वे पीड़ित के फ़ोन तक पूरी पहुँच प्राप्त कर लेते थे। बैंक लेनदेन पर नज़र रखते थे और उसके विवरण का इस्तेमाल पैसे निकालने के लिए करते थे। वे धोखाधड़ी से प्राप्त धन को कई म्यूल खातों में भेजते थे, जिन्हें वे पकड़े जाने से बचने के लिए होल्डर होते थे।

एसएसपी ने आगे कहा कि जब्त किए गए क्यूआर कोड में से एक सीधे दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन (केस नंबर 22/2025) में दर्ज एक मामले से जुड़ा था। आगे की जानकारी जुटाने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय जारी है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गिरोह से जुड़े बैंक खातों में 3,37,22,881 रुपये का लेनदेन हुआ है, जो बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के नेटवर्क की पुष्टि करता है।

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