जयपुर , फरवरी 20 -- उच्चत्तम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा है कि साइबर अपराध की कोई सीमा नहीं हैं और उनके नाम से हर दूसरे दिन नई साइट बन जाती है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शुक्रवार को जयपुर में उनके मुख्य आतिथ्य में 'साइबर सुरक्षा- जागरूकता, संरक्षण एवं न्याय तक समावेशी पहुंच' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनके नाम की साइट बनाकर उसमें उनके कई फोटो भी डाल दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके शुभचिंतक उन्हें मोबाइल पर मैसेज भेज देते हैं और कहते हैं कि आपके नाम पर नई साइट बनी है। हाल कि कुछ तस्वीरें जो सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है, वे उन साइट्स में लगाई हुई थी। सिर्फ यही नहीं उन साइट से अलग-अलग तरह के मैसेज भी भेजे जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह उनके साथ हुआ है और एक दिन उनके नाम वाली साइट से किसी को मैसेज भेजे गए और इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंनें तुरंत साइबर क्राइम को इसकी सूचना दी। बाद में पता चला कि वह सारी साइट्स नाइजीरिया से संचालित हो रही थी। यह इस अपराध की जटिलता हैऔर साइबर क्राइम की कोई सीमा नहीं है।
राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उद्घाटन समारोह को संबोधित किया और उन्होंने राज्य में विशेष साइबर अदालत बनाने की घोषणा की। श्री शर्मा ने कहा कि जो अपराध करेगा उसे सजा अवश्य मिलेगी।
इस अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विभिन्न नवाचारों का शुभारंभ भी किया गया। इस दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा सहित उच्चत्तम न्यायालय के न्यायाधीश एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, न्यायमूर्ति एवं विधि विशेषज्ञ मौजूद थे।
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