अल्मोड़ा , जनवरी 11 -- उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को कहा कि पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन न केवल सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
श्रीमती आर्य ने यह बात अल्मोड़ा के कटारमल स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित सूर्य पर्व मेले में कही। यह पारंपरिक मेला प्रतिवर्ष पौष माह के अंतिम रविवार को आयोजित किया जाता है, जिसमें दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग प्रतिभाग करते हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क, संचार तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के बाद कटारमल सूर्य मंदिर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। देश-विदेश से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा शीघ्र ही कटारमल सूर्य मंदिर के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिसके लिए बजट स्वीकृत किया जा चुका है। इससे इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं में भी सुधार होगा।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदरीकरण, संरक्षण तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह प्रयास 'विकास भी - विरासत भी' की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा रोजगार सृजन, जनहित में कठिन निर्णय लेने तथा उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अद्वितीय कार्य किए जा रहे हैं।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, प्रखंड प्रमुख हवालबाग हिमानी कुंडू समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित