भिण्ड , जनवरी 4 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड-दतिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद संध्या राय के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। इंदौर में दूषित पानी और छिंदवाड़ा में नकली दवा से हुई मौतों को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता सांसद के बंगले के बाहर पहुंचे और घंटा बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया 'घंटा' संबंधी बयान के विरोध में किया गया। दोपहर में प्रदर्शन की शुरुआत इंदिरा गांधी चौराहे से हुई, जहां से कांग्रेसी कार्यकर्ता हाथों में घंटे और शंख लेकर पैदल मार्च करते हुए भिण्ड की चंबल कॉलोनी स्थित सांसद के बंगले की ओर बढ़े। प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे।
जैसे ही प्रदर्शनकारी बंगले के नजदीक पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जोरदार नारेबाजी होती रही। पुलिस की मौजूदगी में पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदोरिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप से बच्चों की जान गई और इंदौर में सीवर युक्त पानी पीने से लोगों की मौतें हुईं। जब इन मामलों पर पत्रकार सवाल करते हैं, तो मंत्री घंटा जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, जो उनकी दूषित मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस ने इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन की खास बात यह रही कि जिस समय कांग्रेस कार्यकर्ता बंगले के बाहर घंटा बजाकर विरोध जता रहे थे, उसी दौरान सांसद संध्या राय बंगले के अंदर मौजूद थीं और अपने समर्थकों से जन्मदिन की शुभकामनाएं स्वीकार कर रही थीं। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इंदौर में जिन ठेकेदारों की लापरवाही से मौतें हुईं, वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं, इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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