रामनगर , जनवरी 19 -- उत्तराखंड में रामनगर के सांवल्दे क्षेत्र में पहाड़ से गिरी भारी मात्रा में मिट्टी के कारण सांवल्दे नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो गया है, इस संभावित खतरे को लेकर सोमवार को क्षेत्र के ग्रामीणों ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला से मुलाकात की।

यह मुलाकात सांवल्दे क्षेत्र के ईडीसी अध्यक्ष तारा दत्त बेलवाल के नेतृत्व में हुई, जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर निदेशक को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि सांवल्दे नदी के समीप वर्षों से खड़े पहाड़ का बीच का हिस्सा हाल ही में धंसकर नदी में गिर गया है, इसके कारण नदी का पानी रुक गया है और उसका बहाव बाधित हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मलबे को नहीं हटाया गया, तो भविष्य में नदी का रुख गांव की ओर मुड़ सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

श्री बेलवाल ने कहा कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गांव की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन को समय रहते अवगत कराने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके, ग्रामीणों ने मांग की कि नदी में गिरी मिट्टी और मलबे को जल्द से जल्द हटाया जाए और नदी के बहाव को पूर्व की तरह सुचारू किया जाए।

वहीं इस पूरे मामले पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने कहा कि सांवल्दे गांव के पास जंगल की ओर से आने वाली नदी में हर वर्ष बरसात के दौरान मलबा और मिट्टी बहकर आती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों और विभाग की फील्ड टीम द्वारा यह जानकारी दी गई है कि हाल ही में पहाड़ से कुछ मात्रा में मिट्टी गिरने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हुआ है, जिससे गांव के क्षेत्र में खतरा उत्पन्न हो सकता है।

डॉ. बडोला ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीओ को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि गांव को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

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