कासरगोड , फरवरी 09 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुट प्रतिरोध और धर्म आधारित राज्य की विचारधारा के विरुद्ध सामूहिक संघर्ष का आह्वान किया है। वह रविवार को जिले के कुनिया में समस्त केरल जमीय्यतुल उलेमा के शताब्दी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्ता ने लगातार धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने और सांप्रदायिकता का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का कार्य किया है, जिससे वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गयी है। उन्होंने कहा कि देश इस समय एक राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है, जहां उसकी बहुधार्मिक पहचान और विविध सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं।

श्री विजयन ने स्पष्ट किया कि सांप्रदायिकता का मुकाबला किसी अन्य प्रकार की सांप्रदायिकता से नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों से एकजुट होकर सांप्रदायिक एजेंडे को विफल करने की अपील की।

सम्मेलन में समस्ता ने कई प्रस्ताव पारित किए। इनमें सरकार से ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा के अवसर पर तीन दिन का आधिकारिक अवकाश घोषित करने की मांग शामिल है। अन्य प्रस्तावों में शुक्रवार की नमाज में बाधा न हो, इस प्रकार स्कूल परीक्षाओं की समय-सारणी तय करने, मलप्पुरम जिले के पुनर्गठन तथा 45 लाख से अधिक आबादी और बढ़ती प्रशासनिक चुनौतियों का हवाला देते हुए नए जिले के गठन की मांग शामिल है।

प्रस्ताव में कहा गया कि मलप्पुरम के लोग गंभीर प्रशासनिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं और संसाधनों के समान वितरण की आवश्यकता है।

समापन समारोह का उद्घाटन मिस्र के सलामा गोमाआ दाऊद ने किया। इस अवसर पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन, आईयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष पनक्कड़ सादिक अली शिहाब थंगल, आईयूएमएल के राष्ट्रीय महासचिव पी.के. कुन्हालीकुट्टी, उद्योगपति एम.ए. यूसुफ अली तथा समस्ता के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

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