बैतूल , मार्च 6 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सांपना जलाशय की नहरों से समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिलने से किसान आक्रोशित हो गए हैं। किसानों ने जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और जल्द नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग की।

जानकारी के अनुसार बाजार, बडोरा, भरकवाड़ी और भोगी टेढ़ा गांवों के किसानों ने शुक्रवार को विभागीय कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या रखी। किसानों का कहना है कि विभाग ने पहले 25 फरवरी तक नहरों में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन 6 मार्च तक भी कई क्षेत्रों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच सका है।

किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग को लगातार नहरों में पानी का गेज बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके कारण खेतों में खड़ी फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों के अनुसार फसलों को 20 से 22 दिनों के भीतर सिंचाई का पानी मिलना जरूरी होता है, जबकि दूसरी नहर में पानी आए करीब 40 दिन हो चुके हैं।

किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई नहीं होने से गेहूं सहित अन्य फसलों में दाना भरने की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो उनकी मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा हो जाएगा।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जलाशय से ऊपरी हिस्सों की नहरों में तो पर्याप्त पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन डी-वन और डी-टू नहरों में पानी की आपूर्ति बेहद कम है, जिससे निचले क्षेत्रों के किसानों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसान सुनील वर्मा ने बताया कि फसल बचाने के लिए मजबूर होकर किसानों को विभाग के कार्यालय पहुंचना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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