भोपाल , मार्च 03 -- प्रो. वैद्यनाथ लाभ, कुलगुरु साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज मंगलवार भोपाल के सुभाष विश्राम घाट पर किया गया। उनके निधन से अकादमिक जगत में शोक की लहर व्याप्त है।
15 अक्टूबर 1957 को जन्मे प्रो. लाभ दिल्ली विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग के प्रथम बैच के छात्र रहे थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बौद्ध दर्शन के संवर्धन और प्रचार-प्रसार को समर्पित किया। बौद्ध दर्शन और पालि साहित्य पर उन्होंने 24 से अधिक पुस्तकों का संपादन किया तथा 90 से अधिक शोधपत्र अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए।
वर्ष 2022 में सांची विश्वविद्यालय का कार्यभार संभालने से पूर्व वे वर्ष 2018 में नवनालंदा महाविहार के प्रथम नियमित कुलपति नियुक्त हुए थे। उन्होंने जम्मू विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन विभाग की स्थापना की तथा वर्ष 2000 में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के उपाध्यक्ष भी रहे।
उनके परिवार में पत्नी और एक पुत्र हैं। उनके निधन पर देश-विदेश के अनेक विद्वानों ने शोक संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आचार्य प्रो. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री ने इसे अपनी निजी क्षति बताते हुए कहा कि प्रो. लाभ एक विशिष्ट विद्वान होने के साथ अत्यंत सरल और सहृदय व्यक्तित्व के धनी थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव (संस्कृति) शिवशेखर शुक्ला तथा कुलसचिव प्रो. रामनिवास गुप्ता ने भी उनके निधन को विश्वविद्यालय और अकादमिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
प्रो. लाभ की चर्चित कृतियों में पञ्ञा इन अर्ली बौद्धिज्म, द ओशन ऑफ बुद्धिस्ट विजडम श्रृंखला तथा बौद्ध प्रमाण मीमांसा विषयक संपादित ग्रंथ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
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