सांची , जनवरी 27 -- सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर.एन. गुप्ता और डीन प्रो. नवीन कुमार मेहता ने तिरंगा फहराया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. वैद्यनाथ लाभ ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलसचिव प्रो. आर.एन. गुप्ता ने कहा कि किसी भी देश को संविधान की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि वह स्वतंत्रता से स्वच्छंदता की ओर न बढ़े। उन्होंने भारतीय कुटुंबीय पारिवारिक व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार में सभी सदस्यों को अपने कर्तव्य और अधिकार संस्कारों के माध्यम से स्वतः ज्ञात होते हैं। इसी प्रकार यदि देश के नागरिक अपने दायित्वों और अधिकारों का स्वाभाविक रूप से निर्वहन करें, तो संविधान को रटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि स्थायी परिवर्तन हृदय परिवर्तन से ही संभव है, ज़बरदस्ती से नहीं। ध्येय और नियत सही हो तो नियम न होने पर भी व्यक्ति सहयोग के लिए आगे आता है। उन्होंने महात्मा गांधी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि संतोष प्रयास में है और प्रमाणिकता से किए गए प्रयास ही सफलता दिलाते हैं।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. नवीन कुमार मेहता ने कहा कि विचार प्रवाहमान होने चाहिए। बिना व्यक्तिगत प्रशंसा की अपेक्षा किए संस्थान और समाज को आगे बढ़ाने के प्रयासों से ही देश प्रगति करता है।
कार्यक्रम के दौरान बौद्ध अध्ययन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रमेश रोहित ने मंच संचालन करते हुए कहा कि सकारात्मक विचारों के साथ कर्म द्वारा ही प्रगति संभव है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हरीश चंद्रवंशी ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपना कार्य पूर्ण जिम्मेदारी से करे, तो देश का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर शोधार्थी छात्रा मनीषा जायसवाल ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया।
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