मुंबई , जनवरी 25 -- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(एआईएमआईएम) के नेता इम्तियाज जलील ने रविवार को पार्टी की सहयोगी सहर शेख के "मुंब्रा को हरा रंग देने" वाले विवादित बयान का खुलकर बचाव करते हुए कहा कि मजलिस पूरे महाराष्ट्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बढ़ाना चाहती है।
श्री जलील ने कहा कि आलोचना और विरोध के बावजूद मजलिस आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि इस तरह के विवाद पार्टी की तरक्की को धीमा नहीं करेंगे और न ही महाराष्ट्र में इसके संगठनात्मक संकल्प को कमजोर करेंगे।
उल्लेखनीय है कि सुश्री शेख ने 15 जनवरी को हुए ठाणे नगर निगम चुनावों में वार्ड 30 से जीत हासिल करने के बाद कहा था कि अगले पांच सालों में मुंब्रा में सभी पार्षद मजलिस के होंगे। उन्होंने बाद में कहा कि इस बयान के पीछे उनका मकसद मुंब्रा में पार्टी की स्थिति मज़बूत करने से जुड़ा था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की।
मुंब्रा पुलिस ने इसके जवाब में उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत एक नोटिस जारी किया, जिसमें टिप्पणियों को भड़काऊ बताया गया। उन्हें ऐसे बयान देने से बचने की चेतावनी दी गयी जो संभावित रूप से जनता की भावनाओं को भड़का सकते हैं।
श्री जलील ने सुश्री शेख का बचाव करते हुए महाराष्ट्र पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नोटिस प्रदर्शनकारियों के एक छोटे समूह के दबाव में जारी किया गया था। श्री जलील ने दावा किया कि भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अक्सर बिना किसी समान कार्रवाई का सामना किये भड़काऊ बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि मजलिस ऐसी कोशिशों के सामने पीछे नहीं हटेगी और अपने राजनीतिक आधार को मजबूत करना जारी रखेगी।
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