देहरादून , फरवरी 10 -- उत्तराखंड के विभिन्न सहकारी संघों के प्रभावी संचालन व पेशेवर प्रबंधन को प्रोफेशनल प्रबंध निदेशक (एमडी) तैनात किये जायेंगे, ताकि सहकारी संघों को बाजार के अुनरूप प्रतिस्पर्धा के लिये तैयार किया जा सके। यह बात राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ धनसिंह रावत ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक में कहीं।
उन्होंने दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के साथ ही एआर व डीआर के डीपीसी प्रस्ताव राज्य लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में पहुंचे अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की सख्त चेतावनी भी दी।
सहकारिता मंत्री ने निबंधक (रजिस्ट्रार) को दून सहकारी बाजार व निबंधक कार्यालय के निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने सहकारी संघों यथा उत्तराखंड सहकारी संघ (यूसीएफ), उत्तराखंड सहकारी रेशम संघ, उत्तराखंड राज्य भण्डार निगम एवं उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ में कार्य कुशलता बढ़ाने व उन्हें बाजार की प्रतिस्पर्धी के अनुरूप तैयार करने को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने चारों सहकारी संघों में पेशेवर प्रबंधन के लिये प्रोफेशनल एमडी तैनात करने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
डाॅ. रावत ने बैठक में कृषि समिति रायवाला, एग्लो-इण्डियन सोसायटी, बीएचईएल हरिद्वार गृह निर्माण समिति एवं श्रीनगर में सहकारी विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे व विवाद को शीघ्र सुलझाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। इसके अलावा उन्होंने सहकारी बैंकों में विभिन्न पदों पर आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा को भारत सरकार के उपक्रम आईबीपीएस के माध्यम से कराने, पैक्स समितियों के सचिवों की नियमावली जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा सहकारी संघों में नवीन शुल्क का निर्धारण करते हुये सदस्यता अभियान शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में सचिव डाॅ. इकबाल अहमद, निबंधक डाॅ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम.पी. त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल, जिला सहायक निबंधक देहरादून बी.एस. मनराल, सुमन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित